बोले मेरठ: बदहाली में पिस रहा कृष्णा विहार, सड़क गायब, नालियां बदहाल

शहर और राज्य, NewsAbhiAbhiUpdated 29.07.25 IST
बोले मेरठ: बदहाली में पिस रहा कृष्णा विहार, सड़क गायब, नालियां बदहाल

 बोले मेरठ: बदहाली में पिस रहा कृष्णा विहार, सड़क गायब, नालियां बदहाल मेरठ शहर के नगर निगम क्षेत्र में आने वाली भोला रोड स्थित कृष्णा विहार कॉलोनी अपनी बदहाली पर आंसू बहाती नजर आ रही है। यहां मुख्य सड़क से प्रवेश करते ही कॉलोनी की दुर्दशा दिखने लगती है। जैसे-जैसे कॉलोनी के अंदर जाते हैं हालत और भी बदतर होती जाती है। कुछ दूर चलने पर सड़क ही गायब हैं। मानों लोग सड़क की आस में गड्ढों में जीवन बिता रहे हैं। निकासी के नाम पर नालियां भी नहीं हैं। सड़क का इंतजार कर रहे यहां के लोग बदहाली की यमुना से बाहर निकलना चाहते हैं। बागपत रोड पर मलियाना पुलिस चौकी के साइड से जा रही भोला रोड पर कुछ ही दूर कृष्णा विहार कॉलोनी बसी है। नगर निगम के वार्ड नंबर 15 में मौजूद कृष्णा विहार कॉलोनी बीस साल से भी पुरानी है। यहां लगातार बढ़ रही आबादी के बावजूद कॉलोनी में सड़क जैसी बनियादी सुविधाएं नहीं हैं। पांच सौ से ज्यादा मकान क्षेत्र में बने हैं और दो हजार से अधिक की आबादी यहां निवास करती है। कॉलोनी में जैसे ही इसकी मुख्य सड़क पर चलते हैं, गंदगी और जलभराव के दर्शन होते हैं। सड़क किनारे नालियां नहीं दिखतीं और आगे कुछ ही दूरी पर सड़क भी गायब हो जाती है। इसके बाद नगर निगम की बड़ी सी पानी की टंकी दिखती है। उसके पास एक तरफ जहां बड़ा सा तालाब जलकुंभी से भरा नजर आता है तो दूसरी तरफ इलाके में बरसात का गंदा पानी दिखता है। इसमें सांप तैरते नजर आते हैं। डर और गंदगी के साथ सड़क की आस में जी रहे लोगों से हिन्दुस्तान बोले मेरठ की टीम ने संवाद किया और उनकी समस्याओं को जाना। जो इस क्षेत्र में भी सड़क और नालियों का विकास चाहते हैं। सड़क की आस में जूझते लोग कृष्णा विहार कॉलोनी के लोग इसकी बदहाली को दिखाते हुए कहते हैं कि वह काफी सालों से यहां रह रहे हैं। सड़कों के लिए बार-बार प्रतिनिधियों से कहा जाता है, सर्वे होता है, नपाई होती है लेकिन सड़क ही नहीं बनती। इसके बाद भी पूछो तो आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिलता। सड़क नहीं होने के कारण लोगों को बहुत परेशानी होती है। गलियों में गड्ढे हुए पड़े हैं, खाली जगह पर गंदगी और गंदा पानी भरा पड़ा है। बरसात में हालात इतने बुरे हो जाते हैं कि लोग घरों से नहीं निकल पाते। किसी तरह सड़क बन जाए तो लोग बदहाली से उबर जाएं। गलियों में जलभराव और तैरते सांप कॉलोनी के लोग सड़क और खाली जगह पर भरे गंदे पानी को दिखाते हुए कहते हैं कि यहां एक बरसात में हालात ऐसे हो जाते हैं। लोग घरों से भी निकलते हुए डरते हैं। पेड़ के नीचे सांप को दिखाते हुए कहते हैं कि यहां चलना भी खतरे से खाली नहीं होता। पूरा इलाका बरसात में तालाब बन जाता है, जिसके बाद पानी में कीड़े-मकोड़े और सांप पैदा हो जाते हैं। बच्चे घरों के बाहर नहीं खेल सकते, लोगों को अपने घर में ही डर सताता है। बारिश होते ही बाहर घुटनों से ऊपर पानी होता है और उसमें से सांप निकलकर घर में घुस जाते हैं। किसी भी तरह इस कॉलोनी में सड़कें चाहते हैं। सीवर ना नालियां, निकासी की व्यवस्था नहीं कॉलोनी के लोग कहते हैं कि पूरे क्षेत्र में कहीं भी सीवर लाइन नहीं डली है। ऊपर से नालियां भी नहीं बनाई गई हैं। निकासी की व्यवस्था पूरे इलाके में नदारद है। मुख्य सड़क से कॉलोनी के अंदर इंटरलॉकिंग लगाकर गली बनाई गई थी, जिसको आधा ही बनाकर छोड़ दिया गया। अब उस सड़क की भी हालत खराब हो चुकी है, पूरी तरह जर्जर हो चुकी है, निकासी नहीं होने के कारण जलभराव आम है। नालियों का पानी सड़क पर भरता है, वहीं बरसात में पूरे इलाके का पानी उन जगहों पर भर जाता है, जहां सड़क नहीं बनी है, और नीचा क्षेत्र है। यहां रहने वाले लोग बस इसी उम्मीद में जी रहे हैं, कि एक दिन यहां सड़क बनेगी और गंदगी व जलभराव से निजात मिलेगी। खाली जगह को बना दिया तालाब कॉलोनी के लोगों का कहना है कि यहां नगर निगम की टंकी के पास खाली जगह को तालाब बना दिया गया। जिसमें क्षेत्र की नालियों का पानी जाता है। जब बरसात होती है तो यह तालाब भी ऊपर तक आ जाता है। इसका गंदा पानी फिर इस कॉलोनी को नरक बना देता है। इस टंकी से पूरे इलाके में पानी की सप्लाई होती है और इसके पास ही गंदगी व तालाब बना हुआ है, जिससे पानी में गंदगी मिलने का डर रहता है। इस पूरे इलाके में सड़क के साथ नालियां बनें, हो सके तो पहले सीवर लाइन डल जाए, ताकि निकासी की व्यवस्था सुचारू रूप से हो। कूड़ा नहीं उठता, स्ट्रीट लाइटें जलती नहीं लोगों का कहना है कि क्षेत्र में कूड़ा उठाने वाला भी कोई नहीं आता है। कभी कभार गाड़ी आती है, लेकिन सभी जगह नहीं पहुंचती। आखिर में लोग अपने घरों का इकट्ठा कूड़ा या तो खाली जगह पर फेंक देते हैं, या फिर कॉलोनी के बाहर जाकर डालते हैं। वैसे ही खाली जगहों पर गंदगी का अंबार लगा रहता है, जिनमें कीड़े मकोड़े और मच्छर पनप रहे हैं, ऊपर से सफाई व्यवस्था पूरे इलाके में कहीं नहीं है। खंभों पर स्ट्रीट लाइटें एकदम खराब हो चुकी हैं, कुछ खंभों पर तो लाइटें ही नहीं हैं। रात में अंधेरे के कारण डर लगता है, सांप निकलकर सड़क पर आ जाते हैं। पूरे इलाके में स्ट्रीट लाइट लगनी चाहिए। हर सावन जलभराव और गंदगी का आलम कॉलोनी में रहने वाली महिलाएं कहती हैं कि सावन की बरसात में जलभराव के कारण बड़ी समस्या होती है। लोगों के भगवान शिव की पूजा के लिए गंदे पानी से निकलकर मंदिर तक जाना पड़ता है। इसके बाद वहां जाकर हाथ-पांव धोते हैं, फिर पूजा करते हैं। वहीं टंकी की पानी के पास रखा ट्रांसफार्मर भी जलभराव की जद तक आ जाता है। इस कारण करंट लगने और बड़ा हादसा होने की संभावना रहती है। आए दिन उसमें कुत्ते और बिल्ली घुस जाते हैं और करंट से मर जाते हैं। इसको कहीं सही जगह शिफ्ट किया जाए और ऊंचाई पर रखा जाए। बारिश के बाद सताता है संक्रमण का डर लोगों का कहना है कि बरसात के बाद सबसे बड़ी समस्या रुके हुए पानी से पैदा होती है, जिसमें मच्छर, सांप और कीड़े-मकोड़े पनप जाते हैं। पूरे इलाके में बदबू फैल जाती है, संक्रमण का डर बढ़ जाता है। लोग बीमार होने लगते हैं, बुखार और कई अन्य संक्रामक बीमारियां पैदा हो जाती हैं। क्षेत्र में मलेरिया और डेंगू की बीमारी भी फैलने लगती है। जलभराव की समस्या ही इस कॉलोनी की सबसे बड़ी दुविधा है, यह तब खत्म हो सकती है, जब सड़क और नालियां बन जाएं। समस्या - कॉलोनी में जर्जर और अधूरी सड़कें बनी हुई हैं - पूरे क्षेत्र में जलभराव और गंदगी की समस्या है - निकासी के लिए ना नालियां हैं, ना ही सीवर - स्ट्रीट लाइटें जलती ही नहीं, कहीं तो हैं ही नहीं - बरसात में जलभराव से संक्रमण का डर रहता है सुझाव - कॉलोनी में अधूरी सड़कें पूरी तरह बनाई जाएं - पूरे इलाके में जलभराव और गंदगी का समाधान हो - निकासी के लिए सीवर लाइन डले और नालियां बनें - स्ट्रीट लाइटें ठीक की जाएं, जहां नहीं हैं वहां लगें - क्षेत्र में संक्रमण ना हो, इसके लिए दवाई छिड़की जाए इनका कहना है कॉलोनी में सड़कें तो कहीं भी नहीं हैं, बरसात में हालत बहुत खराब रहती है, लोग घरों से भी नहीं निकल पाते हैं। - राजेश देवी खाली जगहों पर गंदा पानी भरा रहता है, इनमें सांप और कीड़े मकोड़े पैदा हो जाते हैं, रात में डर भी लगता है। - सुदेश बरसात में कॉलोनी में जलभराव हो जाता है, जिसे सूखने में कई दिन लगते हैं, जिसमें मच्छर व कीड़े पनप जाते हैं। - देवेंद्री हर सावन में कॉलोनी बदहाल रहती है, बारिश होते ही पूरी कॉलोनी नरक बन जाती है, चलने लायक नहीं रहती। - राजरानी गली के शुरू में ही पानी भरा पड़ा रहता है, आगे सड़क ही नहीं बनी है, लोग सड़क बनने का इंतजार कर रहे हैं। - प्रीति कूड़ा उठाने वाली गाड़ी भी नहीं आती है, साफ-सफाई के लिए कोई नहीं आता, खाली जगह पर लोग कूड़ा फेंकते हैं। - संतोष देवी इस कॉलोनी में ना तो कहीं सड़कें हैं और ना ही नालियां बनी हुई हैं, सीवर लाइन भी कहीं नहीं डाली गई है। - आरती गंदा पानी निकलने का कोई रास्ता ही नहीं है, बाहर का गंदा पानी भी अंदर कॉलोनी में भरता है, बड़ी दिक्कत होती है। - पुष्पा देवी बरसात में लोग घरों से नहीं निकल पाते, पानी की टंकी के पास झोड़ी है, उसका पानी भी गलियों में ही भरता है। - बीता देवी जलभराव से पूरा क्षेत्र बदहाल हो जाता है, समझो नरक जैसी हालत हो जाती है, सांप, मच्छर और कीड़े मकोड़े हो जाते हैं। - सरिता शर्मा यहां शुरू में तो सड़क बना दी, लेकिन उसके बाद सब ऐसे ही छोड़ दिया, बाहर का गंदा पानी भी कॉलोनी में भरता है। - मयंक नाली और सीवर लाइन कहीं नहीं है, गली मोहल्ले का गंदा पानी खाली जगहों पर भरता है, इसका समाधान जरूरी है। - साहिल कॉलोनी में सड़क की सबसे ज्यादा जरूरत है, बरसात में पूरी कॉलोनी नरक बन जाती है, रास्ते चलने लायक नहीं रहते। - रोनित हमारे घर के बाहर ही इतना पानी भर जाता है कि बच्चे स्कूल भी नहीं जा पाते, सड़क बन जाए तो समाधान हो जाए। - कलिराम यादव खाली जगह पर भरे गंदे पानी की वजह से सांप, मच्छर और कीड़े मकोड़े हो जाते हैं, बच्चे खेलने भी बाहर नहीं जाते। - प्रियंका आसपास इतनी बदबू हो जाती है कि सांस लेना भारी हो जाता है, क्षेत्र में साफ-सफाई हो और सड़क बनाई जाए।

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