टोंक। शहर में बमोर रोड स्थित श्री राधाकृष्ण मंदिर साहू समाज में आयोजित हो रही संगीतमयी श्री मद्भागवत कथा में बाल व्यास अवनी किशोरी ने प्रवचन करते हुए कहा कि भगवान सबकी रक्षा करने वाले हैं वे गर्भ में पल रहे गर्भस्थ शिशु की भी रक्षा करते हैं, उसका भी पालन करते हैं। किन्तु मनुष्य स्वयं कर्ता का भाव मन में रख कर अहंकारी हो जाता है, जबकि जीव का कल्याण भगवान की शरणागति में है।
इस चराचर जगत को चलाने वाले भगवान की प्रेम लक्षणा भक्ति से ही भगवान की प्राप्ति हो सकती है। द्वितीय दिवस की कथा में बाल व्यास अवनी किशोरी ने प्रवचन करते हुए मंगलाचरण, सौनकादि ऋषियों के प्रश्न, शुक देव जी की जन्म कथा, परीक्षित की जन्म कथा व शुकदेव जी का पूजन का वर्णन किया।
कथा में बाल व्यास अवनी किशोरी ने भगवान शुक देव व परीक्षित के जन्म की कथा श्रवण करवाते हुए कहा कि इन दोनों ही महात्माओं ने माता गर्भ में ही भगवान का साक्षात्कार प्राप्त किया, भगवान इनकी रक्षा कर आशीर्वाद दिया कि भगवान की माया उन्हें कभी प्रभावित नहीं करेगी। इस अवसर पर सैकड़ों श्रद्धालुओं ने मधुर भजनों की धुनों नृत्य किया।