चूरू। जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा ने जिले में विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा में अग्रणी बनाने की अभिनव पहल करते हुए गुरुवार को जिले के ढाढरिया बणीरोतान राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में एफआईए (फाउंडेशन फॉर इनोवेटिव एक्शन)एनजीओ के सहयोग से लैपटॉप उपलब्ध करवाते हुए प्रगति लैब का उद्घाटन किया।
इस अवसर पर जिला कलक्टर सुराणा ने कहा कि तकनीकी के बेहतर इस्तेमाल से भावी पीढ़ी हर क्षेत्र में अग्रणी रहे। हमारा प्रयास है कि विद्यार्थियों उपयोगकर्ता नहीं बल्कि निर्माता बनें। वर्तमान का युग एआई व तकनीकी का युग है। विद्यालय स्तर पर ही तकनीकी प्रशिक्षण विद्यार्थियों के उच्च शैक्षणिक योग्यता व सुदृढ़ भविष्य की दिशा तय करेगा।
उन्होंने कहा कि किताबों से शिक्षा के साथ अब कम्प्यूटर आधारित शिक्षण विद्यार्थियों को समय के समानांतर चलने में सहायक साबित होगा। राजकीय विद्यालयों में संसाधनों के बेहतर उपयोग और प्रबंधन के साथ तकनीकी शिक्षण विद्यार्थियों की कैरियर आकांक्षाओं को पूरा करेगा। उन्होंने कहा कि विद्यालय प्रबंधन व विद्यार्थी सीखने की दिशा में संसाधनों का अधिकतम उपयोग करें ताकि सकारात्मक हमारे सामने आएं। इसी के साथ चूरू जिले में चलाए जा रहे कोड चूरू कार्यक्रम से जुड़े व कोडिंग, एआई व कम्प्यूटर एप्लीकेशन आधारित शिक्षण में स्वयं को इनरोल करें। उन्होंने विद्यार्थियों को पुस्तकें भी भेंट की तथा नक्षत्र वाटिका का अवलोकन कर पौधरोपण किया। इसी के साथ आरआरआर सेंटर का निरीक्षण कर रिकॉर्ड संधारण के निर्देश दिए।
सीडीईओ गोविंद सिंह राठौड़ ने विद्यालय प्रबंधन को सकारात्मक परिणामों के लिए विद्यार्थियों को कम्प्यूटर व तकनीकी शिक्षण से जोड़ते हुए लैब के अधिकतम उपयोग की बात कही। उन्होंने बताया कि प्रगति कार्यक्रम मुख्य रूप से 06 से 08 वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए बनाया गया है। इसमें कम्प्यूटर थिकिंग व एआई, सोशल इमोशनल लर्निंग, इंटरप्रेन्योरशिप आदि प्रमुख क्षेत्रों पर फोकस किया गया है। कार्यक्रम अंतर्गत कहानी, गतिविधि और समूह संवाद आधारित शिक्षण विधि पर विशेष बल दिया गया है। उन्होंने कोड चूरू कार्यक्रम की जानकारी दी।
एफआईए के अजय ने नवाचार की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एनजीओ से एक व्यक्ति विद्यालय के अध्यापक को प्रशिक्षण देगा व साप्ताहिक तौर पर पर्यवेक्षण करते हुए एडवांस तकनीकी जानकारी साझा करेगा।
इस दौरान रघुवीर सिंह, ताराचंद मोटसरा, राम कुमार, करणी सिंह राठौड़, प्रदीप कुमार, मनोज कुमार, धनश्याम, धनराज बुन्देला, मोहर सिंह, सरोज प्रजापत, निर्मला कस्वां, नेहा डारा, आचुकी, रजत, सुमित्रा, टोरूराम, शिवप्रसाद, शंकरलाल सैनी, इंद्रचंद, विकास शर्मा, सीताराम भामी, विक्रम सिंह आदि उपस्थित रहे। संचालन मोहन लाल मेहरिया ने किया।