
बांसवाड़ा। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने बैंकिंग सेक्टर को करोड़ों का चूना लगाकर वर्षों से फरार चल रहे दो शातिर 'घोषित अपराधियों' को एक बेहद गोपनीय और तकनीकी ऑपरेशन के बाद दबोच लिया है। इस बड़ी कार्रवाई के तहत मुख्य आरोपी संजय शर्मा (उर्फ संजीव दीक्षित, उर्फ पंकज भारद्वाज) को राजस्थान के बांसवाड़ा से और उसकी सह-आरोपी शीतल शर्मा (उर्फ आरती शर्मा) को वडोदरा, गुजरात से 30 जनवरी, 2026 को गिरफ्तार किया गया है। इस मामले का सबसे सनसनीखेज पहलू मुख्य आरोपी संजय शर्मा का पुलिस कस्टडी से फरार होना था। साल 2014 में हरियाणा पुलिस द्वारा पकड़े जाने के बाद, 4 जुलाई 2016 को जब उसे सोनीपत कोर्ट में पेशी के लिए लाया गया, तब वह झांसा देकर फरार हो गया था। बैंक फ्रॉड की इस कड़ी में आरोपी ने अपनी पुरानी पहचान दफन कर 'पंकज भारद्वाज' के नाम से फर्जी दस्तावेज तैयार किए और राजस्थान में छिपकर रहने लगा। CBI की टीम ने ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस, मोबाइल डेटा विश्लेषण और आरोपियों के वित्तीय लेनदेन की कड़ियों को जोड़ते हुए उनके गुप्त ठिकानों को पिनपॉइंट किया। गिरफ्तारी के समय आरोपियों के पास से जाली पहचान दस्तावेज भी बरामद हुए हैं, जो उनकी नई पहचान को पुख्ता करने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे थे। पकड़े गए आरोपियों पर करोड़ों रुपये के गबन के दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज हैं।