पिता की अंतिम इच्छा के लिए दो बेटियों ने करीब चार बीघे ज़मीन दान कर दी.

RP, शहर और राज्य, NewsAbhiAbhiUpdated 05-05-2022 IST
पिता की अंतिम इच्छा के लिए दो बेटियों ने करीब चार बीघे ज़मीन दान कर दी.

 इन दिनों धार्मिक उन्माद, सांप्रदायिक तनाव और हिंदू मुस्लिम टकराव की खबरें जहां शांति और सौहार्द्र का माहौल बिगाड़ रही हैं, वहीं उत्तराखंड से दो बहनों ने सांप्रदायिक सद्भाव की अनूठी मिसाल कायम की है. ईद से ठीक पहले दो हिंदू बहनों ने ईदगाह के विस्तार के लिए एक बड़ी ज़मीन दान में दे दी. उधमसिंह नगर ज़िले के काशीपुर की ईदगाह के लिए 2 एकड़ से ज़्यादा ज़मीन दान करने वाली इन बहनों ने यह कदम इसलिए उठाया ताकि अपने स्वर्गीय पिता की अंतिम इच्छा पूरी कर सकें.

उत्तराखंड में ईद सामान्य तौर पर पारंपरिक उल्लास के साथ मनी, हालांकि हरिद्वार ज़िले के भगवानपुर हिस्से में कुछ तनाव रहा. पिछले दिनों, हनुमान जयंती के मौके पर रुड़की के करीब डाडा जलालपुर गांव में सांप्रदायिक तनाव फैला था, जिसके चलते ​हरिद्वार ज़िले में ईद को लेकर पुलिस प्रशासन ने विशेष बंदोबस्त किए थे. इस तनाव से कुछ दूर काशीपुर में सांप्रदायिक सद्भाव की मिसाल 62 वर्षीय अनिता और उनकी 57 वर्षीय बहन सरोज ने रची. दोनों बहनों के इस कदम की चहुंओर तारीफ हो रही है.

ईद पर दो बहनों के लिए मांगी गई दुआ
अनिता और सरोज ने अपने पिता की अंतिम इच्छा पूरी करने के लिए ईदगाह के लिए ज़मीन सौंपी, तो मुस्लिम समुदाय ने उन्हें बदले में बड़ा सम्मान दिया. एक खबर के अनुसार मंगलवार को ईद के मौके पर दोनों बहनों के लिए दुआएं मांगी गईं. यही नहीं, कई लोगों ने अपने वॉट्सएप प्रोफाइल पर दोनों बहनों की तस्वीर लगाकर उनका शुक्रिया अदा किया.

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