राज्यसभा चुनाव: संजय राउत का BJP पर हमला, बोले- पैसे और सत्ता से खरीदे गए विधायक

देश , NewsAbhiAbhiUpdated 18.03.26 IST
राज्यसभा चुनाव: संजय राउत का BJP पर हमला, बोले- पैसे और सत्ता से खरीदे गए विधायक

 राज्यसभा चुनाव: संजय राउत का BJP पर हमला, बोले- पैसे और सत्ता से खरीदे गए विधायक

 
नई दिल्ली । बिहार में राज्यसभा चुनाव के दौरान हुई क्रॉस वोटिंग पर सियासत खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। विपक्ष लगातार भाजपा पर विधायकों को तोड़ने का आरोप लगा रहा है। शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने प्रेसवार्ता कर कहा कि भाजपा पैसे के दम पर चुनाव जीतना चाहती है। राज्यसभा चुनावों में क्रॉस-वोटिंग पर शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने कहा, "भाजपा ने पैसे और सत्ता का इस्तेमाल करके क्रॉस-वोटिंग करवा ली है, चाहे वह हरियाणा हो, बिहार हो या ओडिशा। ओडिशा में उन्होंने किसे चुनवाया? एक ऐसे व्यक्ति को जिस पर कोयला घोटाले का आरोप है, जिसके खिलाफ एफआईआर दर्ज है, और जिसे अदालत ने तीन साल की जेल की सज़ा सुनाई है।" उन्होंने कहा कि भाजपा के लिए ये कोई नई बात नहीं है कि क्रॉस वोटिंग हमेशा होती है। अपने आप को नीतिवान पार्टी बताने वाली भाजपा को शर्म आनी चाहिए कि पैसे देकर वे देश के सर्वोच्च सदन में खेल करते हैं, विधायकों को खरीद लेते हैं और चुनाव जीतते हैं। संजय राउत ने कहा कि भाजपा को मजा आ रहा है लेकिन देश के लोगों को सजा मिल रही है। विपक्ष एक साथ है चाहें ओडिशा हो, हरियाणा हो या बिहार हो, फिर भी सत्ता और पैसे के बल पर विधायक खरीद लिए जाते हैं। ओडिशा, बिहार और हरियाणा में फिर एक बार इस देश ने ऐसा होते देखा है ओर ये बहुत गलत है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इसका जवाब जनता देने वाली है। जनता परेशान हो गई है क्योंकि उनकी समस्या सुनने वाला कोई नहीं है। भाजपा नेता केवल अपनी जेब भर रहे हैं और जनता पर इसका बोझ पड़ रहा है। आज देश में महंगाई कितनी बढ़ गई है, ये बात किसी से छुपी नहीं है, इसके बाद भी इस पर सरकार ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा जो भी वादे जनता से करके आई थी, उसको भूल गई है, आने वाले समय में इसका जवाब मिलने वाला है, जनता ने मन बना लिया है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के महिला आरक्षण पर लिखे पत्र पर सांसद संजय राउत ने कहा, "अच्छी बात है अगर राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने महिला आरक्षण के बारे में किरेन रिजिजू को पत्र लिखा है तो उनका स्वागत करना चाहिए, उसमें शंका की क्या बात है?

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