भजनलाल शर्मा का आह्वान: उद्यमी प्रदेश में निवेश से जुड़ें, विकास यात्रा का हिस्सा बनें
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि उद्योग और निवेश आर्थिक समृद्धि के सबसे बड़े माध्यम है तथा उद्यमी अपने व्यवसाय को बढ़ाने के साथ ही राजस्थान की अर्थव्यवस्था को गति दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण और निरन्तर नीतिगत सुधार किए हैं, जिससे राजस्थान औद्योगिक विकास की एक नई गाथा लिख रहा है। शर्मा ने उद्यमियों से अपील करते हुए कहा कि वे राजस्थान में निवेश के अवसरों का लाभ उठाएं, नए उद्योग स्थापित करें और राज्य के विकास की इस यात्रा में भागीदार बनें। जिससे विकसित भारत-विकसित राजस्थान के संकल्प को पूरा किया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति के लिए कोई कमी नहीं है और आम उपभोक्ताओं को इसके निर्बाध आपूर्ति जारी है। शर्मा बुधवार को राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में राजस्थान दिवस के उपलक्ष्य में कार्यक्रमों की श्रृंखला में आयोजित उद्यमी संवाद समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल जी ने 30 मार्च 1949 को भारतीय नववर्ष की चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को रेवती नक्षत्र इन्द्रयोग में वृहद् राजस्थान की स्थापना की थी। इसीलिए हमने चैत्र शुल्क प्रतिपदा पर ही राजस्थान दिवस मनाने का निर्णय लिया। इसी क्रम में इस वर्ष 19 मार्च को यह गौरवशाली दिवस पूरे प्रदेश में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज हर क्षेत्र में नई ऊंचाईयां छू रहा है। प्रधानमंत्री भारत को 2047 तक विकसित भारत बनाने के लक्ष्य की ओर तेजी से कार्य कर रहे हैं एवं गरीब, युवा, महिला एवं किसान के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी सरकार भी इस संकल्प को ध्येय मानते हुए जनकल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन कर रही है। अनुकूल नीतियों से बदला प्रदेश का औद्योगिक परिदृश्य शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार के ठोस एवं दूरदर्शी निर्णयों से प्रदेश का औद्योगिक परिदृश्य तेजी से बदल रहा है। हमने कार्यकाल के पहले ही वर्ष में ‘राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट’ का सफल आयोजन किया। समिट में हुए 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू में से 8 लाख करोड़ रुपये के कार्य धरातल पर शुरू हो चुके हैं। हाल ही में, होंडा द्वारा प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण के लिए किया गया एमओयू प्रदेश में बढ़ते हुए वैश्विक विश्वास का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि बीकानेर, पाली, किशनगढ़, जोधपुर सहित विभिन्न क्षेत्रों में औद्योगिक पार्क विकसित किए गए हैं। वहीं, अलवर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़ और अजमेर में नए औद्योगिक क्षेत्र स्थापित कर भू आवंटन के लिए खोल दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के निकट सलारपुर और बिचून में लॉजिस्टिक पार्क स्थापित किए गए हैं। 14 विभागों की 143 से अधिक सेवाएं एक मंच पर उपलब्ध मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की निवेशपरक नीतियों के कारण राजस्थान तेजी से एक प्रमुख औद्योगिक गंतव्य के रूप में उभर रहा है। ‘रिप्स 2024’ के माध्यम से निवेश को बढ़ावा दिया गया है तथा भूमि उपयोग परिवर्तन की समय-सीमा 60 से घटाकर 30 दिन कर दी गई है। उन्होंने कहा कि राजनिवेश पोर्टल को राष्ट्रीय सिंगल विंडो सिस्टम से जोड़कर 14 विभागों की 143 से अधिक सेवाएं एक मंच पर उपलब्ध कराई गई हैं। राज्य कौशल नीति और राजस्थान युवा नीति के माध्यम से युवाओं को सशक्त किया जा रहा है। साथ ही, निजी क्षेत्र में 3 लाख युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। बजट में औद्योगिक विकास के अनेक प्रावधान शर्मा ने कहा कि बजट 2026-27 में प्रदेश के औद्योगिक विकास और निवेश प्रोत्साहन के लिए व्यापक प्रावधान किए गए हैं। निवेशकों की सुविधा के लिए डायरेक्ट अलॉटमेंट पॉलिसी जारी की गई है तथा सभी संभागीय मुख्यालयों पर प्लग एंड प्ले फैसेलिटी स्थापित की जाएगी। उन्होंने कहा कि 600 करोड़ रुपये से जोधपुर-पाली-मारवाड़ क्षेत्र में 3600 हेक्टेयर भूमि विकसित की जाएगी। साथ ही, प्रवासी राजस्थानियों के लिए डोमेस्टिक एवं ओवरसीज राजस्थानी अफेयर विभाग का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा सिंगल विण्डो 2.0 प्लेटफॉर्म लागू, आईएफएमएस और आरआईपीएस पोर्टल का इन्टेग्रेशन, सर्विस सेक्टर को भी रिप्स-2024 के तहत इन्टरेस्ट सबवेंशन का लाभ तथा एनर्जी ट्रांजिशन स्किलिंग क्लस्टर जैसे विभिन्न कार्य किए जाएंगे। जिससे उद्यमियों को प्रदेश में अपना उद्यम स्थापित करने में सुगमता हो। गत सरकार के पांच साल की तुलना में हमने दो साल में किए अधिक काम मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक विकास के क्षेत्र में हमारी सरकार के दो साल के कार्यकाल में गत सरकार के पांच साल से अधिक कार्य हुए हैं। हमारी सरकार के दो साल के कार्यकाल में रीको द्वारा स्थापित औद्योगिक क्षेत्रों की संख्या 31 है, जो पिछली सरकार के पहले दो वर्षों में 16 की तुलना में लगभग दोगुनी है। इसी तरह, हमने दो साल में 2 हजार 453 औद्योगिक भूखंड आवंटित किए हैं, जो गत सरकार के दो साल की तुलना में डेढ़ गुना अधिक है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार के दो साल में औद्योगिक क्षेत्रों पर कुल 2 हजार 7 करोड़ रुपये व्यय किए गए, जो पिछली सरकार के दो वर्षों की तुलना में लगभग तीन गुना अधिक है। वहीं, हमनें दो साल में 11 लाख 61 हजार 312 सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों की स्थापना की, जो गत सरकार के दो साल की तुलना में करीब पांच गुना है। तीन नवीन नीतियां से औद्योगिक विकास को मिलेगी नई दिशा शर्मा ने कहा कि पिछले सवा दो साल में हमारी सरकार ने 34 नई नीतियां लागू की हैं, जिससे उद्यमियों को निवेश के लिए बेहतर वातावरण मिला है। आज के कार्यक्रम में भी राजस्थान के औद्योगिक विकास को नई दिशा देने वाली तीन महत्वपूर्ण नीतियां लॉन्च की गई हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान इंडस्ट्रियल पार्क प्रमोशन पॉलिसी निवेशकों को बुनियादी ढांचा तैयार कराने में मददगार होगी। साथ ही, राजस्थान एयरोस्पेस एंड डिफेंस पॉलिसी से प्रदेश एयरोस्पेस और रक्षा विनिर्माण का एक प्रमुख हब बनेगा। उन्होंने कहा कि हमने भविष्य की तकनीक को ध्यान में रखते हुए राजस्थान सेमीकंडक्टर पॉलिसी भी लॉन्च की है। यह नीति राजस्थान को सेमीकंडक्टर निर्माण और इलेक्ट्रॉनिक्स वैल्यू चेन का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनाएगी। ये तीनों नीतियां राजस्थान की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का माध्यम बनेगी। उद्योग मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान ने औद्योगिक क्षेत्र में नई पहचान स्थापित की है। उन्होंने बताया कि राज्य में एमएसएमई, मैन्युफैक्चरिंग सहित विभिन्न सेक्टर्स में विकास की नई गति देखने को मिल रही है, जिससे निवेश के अवसर लगातार बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रभावी नीतियों और निवेश अनुकूल वातावरण के कारण राजस्थान तेजी से एक उभरता हुआ ग्रोथ सेंटर बनता जा रहा है। उद्योग राज्य मंत्री के.के. विश्नोई ने कहा कि प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने के लिए सरकार सेमीकंडक्टर और रेयर अर्थ जैसे नए क्षेत्रों पर भी विशेष ध्यान दे रही है तथा इनके विकास के लिए प्रभावी नीतियां लागू की जा रही हैं। कॉरिडोर, डिपो और वेयरहाउस जैसी सुविधाओं का विस्तार हो रहा है, जिससे उद्योग और व्यापार को मजबूती मिलेगी। इस दौरान शर्मा ने राजस्थान इंडस्ट्रियल पार्क प्रमोशन पॉलिसी, राजस्थान एयरोस्पेस एंड डिफेंस और राजस्थान सेमीकंडक्टर पॉलिसी का अनावरण किया। उन्होंने रीको आद्योगिक क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विकास से जुड़े 119 करोड़ रुपये लागत के 40 कार्यों का लोकार्पण और 226 करोड़ रुपये के 46 कार्यों का शिलान्यास भी किया। कार्यक्रम में शर्मा ने एकीकृत क्लस्टर विकास योजना, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार और विश्वकर्मा युवा उद्यमी प्रोत्साहन योजना के तहत लाभार्थियों को ऋण के चेक सौंपे। साथ ही, एमएसएमई नीति, निर्यात प्रोत्साहन नीति, आरएफसी की युवा उद्यम प्रोत्साहन योजना के तहत लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र भी दिए। इस अवसर पर रीको के ऋण के स्वीकृति पत्र, जोधपुर-पाली-मारवाड़ और बूढ़ी बावल औद्योगिक क्षेत्रों के आरक्षण पत्र सहित लीज डीड और अलॉटमेंट लेटर भी प्रदान किए गए। वहीं, सीएसआर के तहत एसएमएस हॉस्पिटल और ‘अपना घर‘ को सांकेतिक चेक भी सौंपे गए। इस दौरान विभिन्न योजनाओं से लाभ ले रहे युवा उद्यमियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए मुख्यमंत्री का आभार भी व्यक्त किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उद्योग विभाग द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। कार्यक्रम में राजस्थान मण्डपम को लेकर वीडियो का प्रस्तुतीकरण किया गया है। कार्यक्रम में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग शिखर अग्रवाल, आयुक्त रीको शिवांगी स्वर्णकार, सीआईआई, फोर्टी सहित विभिन्न उद्यम संगठनों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में उद्यमी मौजूद रहे। साथ ही, वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से विभिन्न जिलों के उद्योग जगत के लोग भी जुड़ें।