पंजाब में मोदी-शाह की एंट्री! क्या 2027 में पलटेगी सत्ता की बाजी?
पंजाब की राजनीति में अगले विधानसभा चुनावों से पहले एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। 2027 के चुनावों के लिए बीजेपी ने अपनी सक्रियता तेज करते हुए 'मिशन पंजाब' की शुरुआत कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बैक-टू-बैक दौरों से यह साफ हो गया है कि बीजेपी अब पंजाब में सिर्फ 'जूनियर पार्टनर' नहीं, बल्कि एक प्रमुख राजनीतिक ताकत के रूप में उभरने की तैयारी में है।
बीजेपी की रणनीति: दलित और किसान वोट बैंक पर नजर
बीजेपी की योजना राज्य में अपनी राजनीतिक पकड़ को मजबूत करने की है और इसके लिए पार्टी ने एक खास रणनीति तैयार की है। इसका केंद्र दो प्रमुख वर्ग—दलित और किसान—हैं, जिनकी वोटों पर बीजेपी की नजर है।
प्रधानमंत्री मोदी का डेरा बल्लां दौरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 1 फरवरी को गुरु रविदास जयंती के मौके पर जालंधर स्थित डेरा सचखंड बल्लां जाएंगे। पंजाब में 32% दलित आबादी के प्रभाव वाले क्षेत्रों में मोदी का यह दौरा बीजेपी के लिए अहम साबित हो सकता है। दोआबा क्षेत्र की 23 सीटों पर दलित समुदाय का सीधा असर है, और डेरा प्रमुख संत निरंजन दास को हाल ही में 'पद्म श्री' से नवाजे जाने से इस समुदाय से बीजेपी को फायदा हो सकता है।
अमित शाह की मोगा में किसान रैली केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 22 फरवरी को मोगा में एक बड़ी किसान रैली को संबोधित करेंगे। बीजेपी का उद्देश्य मुख्य रूप से जट सिख किसानों को अपने पक्ष में लाना है, और इसके लिए पार्टी 1 लाख किसानों को रैली में एकत्रित करने का लक्ष्य रख रही है। AAP और अकाली दल में हलचल बीजेपी की बढ़ती सक्रियता ने राज्य में सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) को भी सकते में डाल दिया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने डेरा बल्लां के पास 'श्री गुरु रविदास वाणी अध्ययन केंद्र' के लिए जमीन अधिग्रहण करने और कार्यक्रमों की घोषणा कर दी है। इसके साथ ही शिरोमणि अकाली दल (SAD) और बीजेपी के फिर से गठबंधन की चर्चाएं भी राजनीतिक गलियारों में जोरों पर हैं। हालांकि, बीजेपी नेताओं का कहना है कि वे अपने दम पर संगठन को मजबूत कर रहे हैं और किसी भी स्थिति के लिए तैयार हैं। क्या बीजेपी 2027 में सत्ता की बाजी पलट पाएगी? बीजेपी के मिशन पंजाब के तहत पार्टी अब खुद को एक बड़ी ताकत के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रही है। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि अगर बीजेपी अपनी रणनीति में सफल रहती है, तो 2027 के चुनावों में पंजाब की सत्ता में बड़ा उलटफेर हो सकता है।